Wednesday, June 9, 2010

बदल रहा है अपना शहर भी

हर शहर समय के साथ बदलता है, बदलना भी चाहिए। दस साल के आसपास हो गए राजगढ छोडे हुए। कभी दो सप्‍ताह में कभी महीने में आना होता है। इस बार तीन महीने के बाद गया तो एक साथ बहुत सारे बदलाव दिखे।
स्‍टेशन से घर तक के रास्‍ते में यही सोच रहा था कि देखते देखते राजगढ कितना बदल गया है। स्‍टेशन पर एक दो तांगे दिख जाते थे उसकी जगह अब ऑटो ने ले ली है। पहले घोडे दिखते थे, तांगे में बैठने का सुकून अलग होता था।
दुकानों के साइन बोर्ड बदल गए। दीवारों पर लगे पोस्‍टर्स की जगह फलेक्‍स ने ले ली।
अपना सैलून जिस पर पापा के साथ अंगुली पकडकर जाते थे वह अब जनता हेयर डेसर डेसर से यश मेन्‍स पार्लर हो गया है। शायद जमाने का तकाजा है हेयर डेसर नाम शायद सूट नहीं करना। दुकानदार को भी शर्म आए और कटिंग कराने वाले ग्राहक को इसलिए नाम बदल दिया है, जमाने के साथ टेंडी।
गोल चक्‍कर पर जहां कचोरी वाले ही खडे रहते थे अब ठेलों पर छोले भटूरे, बर्गर, छाछ राबडी भी है।
दिनभर पानी देने वाले नल अब एक एक बूंद टपकने को तरस रहे हैं। जिन लोगों को कभी पानी भरते नहीं देखा वो पानी के लिए मशक्‍कत कर रहे थे। पहले शायद पानी भरना महिलाओं का काम था, जो किल्‍लत के कारण मशक्‍कत और जुगाड करने के लिए पुरुषों के हिस्‍से में आ गया है।
अभी तो घर पहुंचा ही था
सोचा इतने सारे बदलाव सुबह के पंद्रह मिनट के घर तक के सफर में देख लिए इन्‍हें ही लिख दिया जाए, काफी समय से इस ब्‍लॉग पर कोई एंटी नहीं हुई।
बाकी बाद में

Thursday, February 25, 2010

होली

दोस्तों आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाये, होली आप सभी के जीवन में अपार खुशियाँ लाये और आपके जीवन को रंगीन बनाये !

Monday, January 25, 2010

गणतंत्र दिवस की बधाईया


आप सभी को गणतंत्र दिवस की बधाईया, जय हिंद

Tuesday, January 12, 2010

मकर सक्रांति की शुभकामनाये


नमस्कार दोस्तों कैसे हो ? आशा करता हू की अच्छे ही होंगे, एक दिन बाद मकर सक्रांति है तो सोचा की आप सभी को बता दू  की राजगढ़ में मकर सक्रांति कैसे मनाई जाती है l   
दोस्तों वैसे तो राजगढ़ में भी मकर सक्रांति वैसे ही मनाई जाती है जैसे और जगहों पर मनाई जाती है इस दिन लोग दान दक्षिणा करते है, गायो को चारा खिलाया जाता है, तिल के लड्डू बनाये जाते है और साथ में हलवा, पुड़ी, पूए, खीर, दालके आदि बनाए जाते है लेकिन एक चीज इस दिन यहाँ अलग होती है जो और जगहों पर नहीं होती है(कुछ जगहों पर हो भी सकती है ) दोस्तों राजगढ़ में मकर सक्रांति पर कंचे(कांच की गोलिया) खेले जाते है इस दिन यहाँ पर बच्चे से लेकर बड़े तक सभी कंचे खेलते हुए देखे जा सकते है राजगढ़ में इसे गोली खेलना बोला जाता है, इन गोलियों से कई तरह के खेल खेले  जाते है जैसे की खड़ीचोट, कटपिल, ऊनापुरा, ब्लास्तर आदि l  जब हम छोटे थे तो सक्रांति से महीनो पहले ही गोली खेलना शुरू कर देते थे, सच में बहुत मज़ा आता था, सक्रांति पर कुण्ड मोहल्ले में गोली खेलने वालो का मेला सा लग जाता था, मगर अब तो सक्रांति पर  घर भी  जाना नहीं होता है तो गोली खेलना तो दूर की बात है आज मेरा बहुत मन कर रहा है गोली खेलने का पर क्या करू l  दोस्तों अगर तुम राजगढ़ जा रहे हो तो गोली जरूर खेलना और खूब मज़े करना अपने बचपन को एक बार फिर से जी लेना l अभी लिखने को तो बहुत सी बाते है मगर अब मुझे नींद भी आ रही है और फिर सुबह क्लास के लिए भी जाना है तो दोस्तों अभी मैं अपने शब्दों को विराम देता हू आप सभी को मकर सक्रांति की बहुत बहुत शुभकामनाये l

Wednesday, January 6, 2010

चोरों को पकड़कर पीटा, खंभे से बांधा



राजगढ़ में सराय बाजार में बुधवार रात आठ बजे मोबाइल फोन खरीदने के बहाने दुकान से चोरी कर भाग रहे दो लड़कों को लोगों ने पकड़कर पीट दिया, बिजली के खंभे से बांध दिया। बाइक सवार लड़कों ने दुकान से मोबाइल पसंद कर लिया और खरीदने की बात कही। दुकानदार जब बिल बनाने लगा तो दोनों युवक बिना पैसे दिए मोबाइल लेकर बाइक पर भागने लगे। इस पर दुकानदार के शोर मचाने पर लोगों ने दोनों को पकड़ कर मोबाइल बरामद कर लिया। जामड़ोली के साजन मीणा और रामकेश मीणा के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर उन्हें गिरतार कर लिया।

Friday, December 25, 2009

क्रिसमस और नए साल की शुभकामनाये l

दोस्तों सभी को क्रिसमस मुबारक हो, दुआ करता हू की ये क्रिसमस आप सभी की जिंदगी में अपार खुशिया लाये ,  आज काफी दिनों बाद लिखने का मौका मिला है  आजकल थोडा व्यस्त रहता हु क्या करे कम ही इतना होता है की वक़्त ही नहीं मिल पाता
राजगढ़ गए हुए भी काफी दिन हो गए और अब तो लगता है की नए साल में ही जा पाऊंगा, राजगढ़ की तो कोई खबर है नहीं अभी मेरे पास अगर होगी तो आपको जरूर बताऊंगा, दोस्तों अभी मैंने एक नया ब्लॉग बनाया है http://hansodilse.blogspot.com/ जिसमे मैं अपने बचपन के शौक को आगे बढ़ा रहा हू  यहाँ मैं अपनी कविताएं आपके साथ शेयर कर रहा हू , अगर वक़्त मिले तो मेरे ब्लॉग पर आये और मेरी कविताओ का आनंद उठाये, दोस्तों नया साल आ रहा है और आप सभी ने नया साल मानाने की तैयारी कर ली होगी और जिन्होंने नहीं की है वो शायद कर लेंगे, दोस्तों धूम धाम से नए साल का स्वागत करे, आप सभी को मेरी और से नए साल की लख लख बधाईया, अब काफी देर हो चुकी है और मुझे नींद भी आ रही है आखिर २:३० बज गए है तो दोस्तों फिर मिलते है चलते चलते, क्रिसमस और नए साल की फिर से शुभकामनाये l